Tuesday, February 24, 2009

बियाह के नियम - रवा कतना जानत बानी......?

भोजपुरी क्षेत्र में लगन-बियाह के बड़ा महत्व हो ला ,आजकल लगन चरचारायील बा.लोग देस-परदेस से एह घरी आपन -आपन घरे दुआरे आ रहल बा लोग .बिआह होता ,आगहूँ होईबे करी....... । लोग बिआह त कर रहल बाडन, आ कतना लोगन के हो रहल बा ....लेकिन हम जानल चाहत बानी की बिआह जब होला त कुछ रीती -रिवाज़ होला ,ई सब के अर्थ का सभे कोई जानत बा॥ .......... फ़िर भी हम बता देत बानी ... की भोजपुरी क्षेत्र में बिआह जब होला तब कैसे होला-----
कन्या -दुलहा (दुलहा-दुल्हिन)सबसे पहीले माडो में बैठे ला लोग, जहाँ ई लोग बैठे ला लोग ओहिजा ज़मीं पर जौ बिछावल जाला, की ई कच्छप नारायण हवन , तवाना के ऊपर घडा में पानी भर के रखा ला की उ क्षीर सागर हवन ,क्षीर सागर में विष्णु भगवान रहे लन एह से ओकरा में कसैली डाला ला ,आ... विष्णु भगवान के साथै त लक्ष्मी जी रहेनी ,एह से ओकरा में पैसा डाला ला... । विष्णु भगवन के नाभि से कमल के फूल निकलल बा एह से ओकरा में आम के पल्लो डाला ला । तवाना के ऊपर चार मुहँ वाला दिया धारा ला की ऊ ब्रह्मा जी हवें । त कहे के मतलब ई बा की जवान बिआह होला ओकरा में इतना भगवान लोग साक्षी रहे ला ,तब जा के बिआह होला .लेकिन बहुत ही कम लोग एह सब के अर्थ जाने ला । त ... हम आपन भोजपुरियन लोगन से जानल चाहत बानी की कातना लोग हमनी के ई परम्परा से परिचित बा । जय भोजपुरी ,जय भारत ..... ॥

Friday, February 6, 2009

जन्म दिन का गिफ्ट -बसंत में प्यार ही प्यार

हमार जन्म त बसंत ऋतू में भईल रहे ,एह से लागता की ई बसंत बाएं न जाई । एगो हमनी देने लोकगीत बड़ा ही फेमस बा- गम -गम ,गम के गांव सुनहरा,आ मति कहे पुकार
दिल्ली वाली दुल्हिन ,चल के देख गऊँवा हमार
कहे के मतलब बा की हो सकता इही बसंत में कवनो दिल्ली के लईकी से मन अझुरा जाए आ ओंकारा के बिहार के दुल्हिन बना के लिया लिआवे। हमहूँ त दिल्ली ऐ में कम -धाम करत बानीपेशा से गवानिया हईं,कबहूँ -कबहूँ नाच हूँ लिही ले। नुकड़ नाटक त जम के करीला ,रौऊवा सभे ध्यान देब जा।
एहेहीईईईईईई हमार जन्मदिन के गिफ्ट रही। जे हमारहित-नाता ,दोस्त-संघतिया बा हमारा बाड़े में कुछ विचार करे ----- आजकल मिजाज गड़बडी रहता

Wednesday, January 28, 2009

बेहाल बानी अंतर्राष्ट्रीय गणितज्ञ वशिष्ठ


कबहू विश्व के आचाम्भा में डाले वाला ,कम्पुटर से भी तेज़ गणन करे वाला विश्व विख्यात वशिष्ठ आज गाँव के अन्हरिया में रहे खातिर मजबूर बडें सब लोगन के आवे के चाहीं। चार दिन पहिले आरा ,बिहार के आई स्पेशलिष्ट डा कन्हैया सिंह वशिष्ठ जी के आँख के ऑपरेशन कर के मोतैबिंद ठीक कैली हा । अब उहाँ के सब लुके लागल .सिज्रोफेनिया बीमारी से ग्रसित महानगणितज्ञ के आज पूछे वाला न सरकार बा न जनता और न ही प्रशसन । भगवान भरोसे चल रहल बनी डाक्टर साहेब .लालू के जब बिहार में सरकार रहे तब ऊ एक हाली आपण मंत्री के साथ इलाज़ करावे खातिर एम्स ,डेल्ही भेजल गेल रहन ,ओकरा बाद उहाँ के कांके रांची में देखावल गइलअस्पताल के फीस जमा कैला के चलते उहाँ के अस्पताल में बन्धकी बना लेल गइल। मिडिया के हाला-गुल्ला कैला के चलते सरकार पैसा जमा कर के छोड़ा लेलस। कहानी बड़ा ही लंबा बा ------


ओंकारा नाम पर पञ्च आदमी के लालू सरकार ऊंह के देखे खातिर नौकरी देलस ,लेकिन उनकर घरवाला के छोड़ के कोई पूछ्हूँ वाला कोई नइखे।

अब हूँ आगे भी जरी रही -----


(फोटो -साइंस कॉलेज,पटना के प्राचार्य के साथ युवा वशिष्ठ )

Friday, January 23, 2009

सुनहूँ तात बात हमारी


एगो बात कहल चाहत बानींखासकर ओकरा से जे भोजपुरी भाषा से जुडल बा .हम हमेशा देखत रहनी की चटपट बात के बड़ा ही चटकारा ले के पढ़ ल जा ला। बाकि ऐ भाई ,कओनोगंभीर बात पर सभेकेहू तिरछे राह नाप ले ता। स्कूली लइकन खातिर ''आइना" पत्रिका अर से निकल रहल बा.जेकरा से सबके जुड़े के चाही, बच्चा लोग के आशीर्वाद देवे के चाही बाकि ब्लॉग प् आईला के बडो केहू न ध्यान देलस। का भाई ऐ का हाल बा। अरे एगो अच्छा काम होता ता ओकरा के बढ़ावा दिहल जला। खास तौर पर आपण जवार भाई से ता अइसने उम्मीद रहे ला । देखि सभे ' आइना' पत्रिका अपना आप में अनोखा बा एह से की एकरा में बच्चा लोग ही रचनाकार, पत्रकार, रिपोर्टर, कवि, पेंटर बाडन। मने की अपन अभी तक के छवि से अलग बच्चा लोग ऐ पत्रिका में समाज के एगो नया दिशा देवे के कोसिस करातरण। ता ई कोसिस में रउवा सभे के भी सहभागिता चाही, अंत में गोर लागतानी। राम राम,

Tuesday, January 20, 2009

बाल पत्रिका आईना ,सब लोगन खातिर

आईना jअइसन पत्रिका बच्चा सब के हा ई बहुत बरबात बा। हम तकहब की आरा जैसन शहर से इतना बाद प्रयास खातिर सब बिहारी भाई लोगन के आगे आवे के चाहीं । बस ईहे करे के बा की बल पत्रिका आईना एक धरोहर बन के रहे जेकरा फायदा सभे केहू उठावे,सबके औलाद एकरा में लिखे .हम त सब लोगन से गुजारिस करब की सभे कोई आगे आवे .

Sunday, October 26, 2008

सुभकामना

सब केहू के दिवाली आ छठ के खूब बधाई । लछमी जी, गणेश जी , छठी मैया आ उदित भगवान सबके सुख, शान्ति आ समृद्धि देस ।

Friday, October 3, 2008

काहे बदलल बा संसार

दुनिया झुक गइल एहिजा, देख कइसन बा भीड़-भाड़
खाना खाए खातिर भ इ ल बाटे एहिजा बड़ी मार
बल वाला लुटता सबके इहे ह संसार
काहे बदलल बा संसार ।